ग्रंथालय (Library)
पुस्तकें मानव जाति के अर्जित एवं संचित ज्ञान राशि का लिपिबद्ध दस्तावेज होती है। एक बेहतरीन जीवन का रास्ता किताबों से होकर ही गुजरता है। छोटे या बड़े किसी भी शिक्षण संस्थान का पुस्तकालय उस संस्थान का हृदय स्थल होता है। जहां ज्ञान विज्ञान एवं साहित्य की अनेक पुस्तकें उपलब्ध कराना संस्थान की नैतिक जिम्मेदारी होती है। विषयवार पुस्तकों के रखरखाव के लिए वैज्ञानिक पद्धति विकसित की गई है। जिसमें ग्रंथपाल को प्रशिक्षित एवं दक्ष होना चाहिए। पुस्तकालय के शांत वातावरण में बैठकर पढ़ते हुए छात्र एवं अध्यापक अपने एवं अपने राष्ट्र के लिए भविष्य का मानचित्र गढ़ते है।
महाविद्यालय का सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केन्द्र (INFLIBNET) की योजनानुसार ONOS (One Nation One Subscription) प्रोग्राम में पंजीयन कराया जा चुका है।
ग्रंथालय में उपलब्ध पुस्तकें:-
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1 |
शासकीय मद से |
3560 पुस्तकें |
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2 |
बी.पी.एल. |
290 पुस्तकें |
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3 |
बुक बैंक योजना |
138 पुस्तकें |
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4 |
अनुसूचित जनजाति |
120 पुस्तकें |
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5 |
अनुसूचित जाति |
260 पुस्तकें |
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6 |
ग्रंथालय में उपलब्ध पुस्तकों की कुल संख्या:- |
4368 पुस्तकें |
पत्रिकाएं:-
1.इण्डिया टुडे।
2.प्रतियोगिता दर्पण।
3.रोजगार समाचार पत्र।
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पुस्तक आदान-प्रदान:- |
अवधि |
पुस्तकें
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सामान्य छात्र/छात्राओं |
14 दिनों के लिए |
02 पुस्तकें |
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अनुसूचित जाति एवं जनजातियों की छात्र-छात्राओं |
14 दिनों के लिए |
02 पुस्तकें |
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बी.पी.एल. छात्र/छात्राओं |
14 दिनों के लिए |
02 पुस्तकें |
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प्राध्यापक एवं अधिकारीगण |
सत्र तक |
15-20 पुस्तकें |