1.विद्यार्थी भाषा और साहित्य के व्यापक स्वरूप तथा उसके महत्व को समझने में सक्षम हो सकेंगें।
2.विद्यार्थी साहित्य के साथ मानव जीवन, विज्ञान तथा पर्यावरण के प्रति सजग हो सकेंगें।
3.भारतीय ज्ञान परम्परा की निरन्तरता, एवं उसके महत्व एवं उस ज्ञान परम्परा से स्वयं एवं समाज को समृध्द करने की दिशा में अग्रसर हो सकेंगें।
4.विद्यार्थी अपने विचारों एवं भावों को मौखिक और लिखित रूप में अभिव्यक्त करने में सक्षम हो सकेंगें।